Menu
X

न्यायालयों का पदानुक्रम Hierarchy of Courts

न्यायालय (अदालत या कोर्ट) का तात्पर्य सामान्यतः उस स्थान से है जहाँ पर न्याय प्रशासन कार्य होता है, परंतु बहुधा इसका प्रयोग न्यायाधीश के अर्थ में भी होता है। बोलचाल की भाषा में अदालत को कचहरी भी कहते हैं। भारत में न्यायालय का इतिहास भारतीय न्यायालयों की वर्तमान प्रणाली किसी विशेष प्राचीन परंपरा से संबद्ध Read More

Read More
image

परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 – Negotiable Instruments Act, 1881

परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 या ‘विनिमय साध्य विलेख नियम 1881’ (Negotiable Instruments Act, 1881) भारत का एक कानून है जो पराक्रम्य लिखत (प्रॉमिजरी नोट, बिल्ल ऑफ एक्सचेंज तथा चेक आदि) से सम्बन्धित है। चेक बाउंस होने पर क्या करें: जानिए पूरी कानूनी प्रक्रिया चेक एक परक्राम्य लिखत या दस्तावेज (negotiable instrument) है, जिसके तहत बिना Read More

Read More
image

हिन्दू विवाह अधिनियम,1955 – Hindu Marriage Act,1955

हिन्दू विवाह अधिनियम भारत की संसद द्वारा सन् 1955 में पारित एक कानून है। इसी कालावधि में तीन अन्य महत्वपूर्ण कानून पारित हुए : हिन्दू उत्तराधिका अधिनियम (1955), हिन्दू अल्पसंख्यक तथा अभिभावक अधिनियम (1956) और हिन्दू एडॉप्शन और भरणपोषण अधिनियम (1956). ये सभी नियम हिन्दुओं के वैधिक परम्पराओं को आधुनिक बनाने के ध्येय से लागू Read More

Read More

© Copyright 2016-18 AL. All rights reserved. SYSTARC